عــًʘ͜͡ʘــِْـِْـِْـِْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٍٰٓٓــًًًًٰٓـًًٰٓٓـز
عــًʘ͜͡ʘــِْـِْـِْـِْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٍٰٓٓــًًًًٰٓـًًٰٓٓـزیزانے کـٍٍٍٍٍٍٰٓـٍٍٍٍٍٰٓٓـٍٍٍـٰٓـٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـہ
شـʘ͜͡ʘــِِْْـِْـًًًًًًـًًًًٍٰٰٓٓٓـًًًًٰٓـًًٍٍٍٍٍٍٍٍٍٰٰٰٓٓٓٓٓـٍٍٍٍٍٍٍٰٓـٍٍٍٍٍٰٓٓـٍٍٍڪست عـٍٍٍـٰٓـٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـشقے
خـʘ͜͡ʘــِْـِْـِْـِْـــــًًًًًـًًًًًًــًًًًًًًــْْْْْْـٍٰٓـًًًًٍٰٓٓــًًًًٰٓـوردن بٍٍٍٍٍٍٍٍِِِْْْـٍٍٍٍِْـٍٍٍٍٍٍٰٓـٍٍٍٍٍٰٓٓـٍٍٍـٰٓـٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـا من
تـــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًًڪرار ڪٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـنڹ
بـــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًودے
بـــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًودم
بـــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًود
رفـʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًًًََُتے
ریـʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًًًََُدم
روʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًًًََُت
هـــــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًٍٍٍٍِْـٍٍٍٍٍٍٰٓـٍٍٍٍٍٰٓٓـٍٍٍـٰٓـٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـہ
شـʘ͜͡ʘــِِْْـِْـًًًًًًـًًًًٍٰٰٓٓٓـًًًًٰٓـًًٍٍٍٍٍٍٍٍٍٰٰٰٓٓٓٓٓـٍٍٍٍٍٍٍٰٓـٍٍٍٍٍٰٓٓـٍٍٍڪست عـٍٍٍـٰٓـٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـشقے
خـʘ͜͡ʘــِْـِْـِْـِْـــــًًًًًـًًًًًًــًًًًًًًــْْْْْْـٍٰٓـًًًًٍٰٓٓــًًًًٰٓـوردن بٍٍٍٍٍٍٍٍِِِْْْـٍٍٍٍِْـٍٍٍٍٍٍٰٓـٍٍٍٍٍٰٓٓـٍٍٍـٰٓـٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـا من
تـــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًًڪرار ڪٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـنڹ
بـــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًودے
بـــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًودم
بـــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًود
رفـʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًًًََُتے
ریـʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًًًََُدم
روʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًًًََُت
هـــــʘ͜͡ʘــِْْـًًًًًًـٍٰٓـًًًًٰٓٓــًًًًًٌــًًًـًًًـًًًًــًًًـًًًًـًًًًًًــًًًًًًـًًٍٍٍٍِْـٍٍٍٍٍٍٰٓـٍٍٍٍٍٰٓٓـٍٍٍـٰٓـٰٓٓـٍٍٰٰٰٰٰٓٓٓٓـًًًًٰٓــٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍٍٍٍــٍٍٍٍٍـٍٍٍٍـہ
- ۱۴۵
- ۱۶ آذر ۱۳۹۴
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